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जब भी मन जोश से पूर्ण होता है,वह ऊंची ऊंची पर्वत श्रृंखला को भी जीत लेता है,मन को सदैव ऊर्जावान बनाए रखने का संकल्प अच्छे विचारों से सहमती है । ” मन के हारे हार है मन के जीते जीत “।
‼ -१४ नवंबर २०२४ गुरुवार- ‼️
-कार्तिक शुक्लपक्ष त्रयोदशी २०८१-

