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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और DFS सचिव एम. नागराजू समीक्षा बैठक में

सरकार की उच्चस्तरीय समीक्षा: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) का FY 2024–25 में उत्कृष्ट प्रदर्शन

नई दिल्ली, 27 जून 2025 – केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामले की मंत्री सुश्री निर्मला सीतारमण ने आज दिल्ली में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) के प्रदर्शन की वार्षिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी, वित्तीय सेवा विभाग के सचिव श्री एम. नागराजू, PSBs के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, तथा वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

नई दिल्ली में आयोजित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की वार्षिक समीक्षा बैठक का एक दृश्य, जिसमें वित्त मंत्री, राज्य मंत्री व अन्य बैंक अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रमुख वित्तीय उपलब्धियाँ – FY 2024–25

  • व्यापार का आकार बढ़कर ₹203 लाख करोड़ से ₹251 लाख करोड़ हुआ।
  • नेट एनपीए घटकर 1.24 % से 0.52 % पर आ गया।
  • नेट लाभ ₹1.04 लाख करोड़ से ₹1.78 लाख करोड़ तक बढ़ा।
  • डिविडेंड वितरण ₹20,964 करोड़ से बढ़कर ₹34,990 करोड़ हुआ।
  • पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CRAR) मार्च 2025 तक 16.15 % रहा।

मुख्य निर्देश और रणनीति

  1. डिपॉज़िट मोबिलाइजेशन और क्रेडिट विस्तार
    – शाखाओं को सेमी‑अर्बन एवं ग्रामीण इलाकों में अभियान चलाने निर्देश दिए गए।
    – स्वस्थ कॉरपोरेट लोन वितरण पर भी जोर था।
  2. वित्तीय समावेशन में तेज़ी
    – 1 जुलाई से तीन महीने का ‘सैचुरेशन अभियान’ शुरू होगा, जिसमें ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों में KYC/री‑KYC और अप्रयुक्त जमा की वसूली शामिल है।
    – PM MUDRA, KCC, PM Jan Dhan, PM Jeevan Jyoti और PM Suraksha Bima सहित प्रमुख योजनाओं में तेजी लाने के आदेश दिए गए।
    – PM Dhan Dhanya योजना के तहत 100 कम‑उपज वाले जिलों में कृषि क्रेडिट को प्राथमिकता दी जाएगी।
  3. MSME एवं स्टार्ट‑अप समर्थन
    – मार्च 2025 में शुरू नए MSME क्रेडिट मॉडल के तहत लगभग 1.97 लाख ऋण, ₹60,000 करोड़ से अधिक राशि में जारी की जा चुकी है।
    – StandUp India योजना के अंतर्गत 2.28 लाख ऋण (₹51,192 करोड़) वितरित किए गए, तथा PM Vidya Lakshmi के तहत 6,682 आवेदन (₹1,751 करोड़) मंजूर हुए।
  4. हरित व नवाचारी ऊर्जा को प्रोत्साहन
    – नवीकरणीय ऊर्जा तथा छोटे न्यूक्लियर मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) जैसे उभरते क्षेत्रों में ऋण विस्तार पर जोर दिया गया।
  5. डिजिटल बैंकिंग और ग्राहक अनुभव
    – बहुभाषी, सरल डिजिटल प्लेटफार्मों, बेहतर शिकायत निवारण तंत्र, और उपयोगकर्ता‑अनुकूल शाखाओं पर बल दिया गया।
  6. ** वैश्विक विस्तार एवं नवाचार**
    – GIFT सिटी और IIBX में PSBs की भागीदारी बढ़ाने की मतवस्था बनी।
    – ग्रामीण व सीमांत इलाकों में शाखा विस्तार एवं जन जागरूकता अभियान की योजना पर चर्चा हुई।
    – मानव संसाधन में BC नेटवर्क मजबूत करने और पदों को शीघ्र भरने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

निष्कर्ष

फाइनेंस मंत्री ने PSBs की उपलब्धियों की सराहना की और संकेत दिया कि आने वाले समय में उन्हें दक्षता, नवाचार, समावेशन व वैश्विक वित्तीय क्षेत्र में अपना दबदबा बनाए रखने की दृढ़ आवश्यकता होगी, साथ ही:

“PSBs को सार्वजनिक पूंजी के संरक्षक के रूप में हरित ऊर्जा, ग्रामीण विकास, MSME नवाचार और वैश्विक वित्तीय क्षेत्र में नेतृत्व करना होगा।”