विश्व मजदूर दिवस पर दुनियां के मजदूरों एक हो.. नारों को बुलंद करते हुए व 135 वां मजदूर दिवस पर की गई सभा, मजदूर शहीदों […]
Covid-19 } विश्व मजदूर दिवस का 135वा साल, मजदूरों ने लगाई मजदूरों से गुहार व किया 2 मिनट का मौन और मजदूरों को किया सम्मानित।
आरा/भोजपुर। जन अधिकार पार्टी के बैनर तले सदर अस्पताल में 8 सूत्री मांगों को लेकर चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर करने के लिए आमरण अनशन किया […]
“प्रेस विज्ञप्ति” *निजी कोविड अस्पतालों को सरकार द्वारा नही मिल रहा है ऑक्सीजन, मरीजों की हो रही है मौत!- कयामुद्दीन अंसारी* *जिला में अधिक से […]
एक बार सुमेरु पर्वत पर बैठे हुए ब्रम्हाजी के पास जाकर देवताओं ने उनसे अविनाशी तत्व बताने का अनुरोध किया शिवजी की माया से मोहित […]
(जगदानंद सिंह की कलम से:- राष्ट्रीय जनता दल के सभी सम्मानित साथियों , आपदा से निराकरण या निकल पाने के लिए हीं […]
पटना: (पत्रकार सनोवर खान) एक मई विश्व मजदूर दिवस पर खगडिया के मथुरापुर फील्ड में मजदूर किसानों का सभा का आयोजन भाकपा माले, अखिल भारतीय […]
आरा/भोजपुर। {पत्रकार गौतम कुमार} नेशनल साइंटिफिक रिसर्च एंड सोशल अनालिसिस ट्रस्ट द्वारा अपने निज कार्यालय में कोरोना से बचाव के संदर्भ में लोगो के बीच […]
पटना 29 अप्रैल , सामाजिक संगठन दीदी जी फाउंडेशन ने एक गरीब की बेटी की शादी में आर्थिक सहायता की है। राष्ट्रीय युवा पुरस्कार भारत […]
पटना/बिहार। (पत्रकार गौतम कुमार ) नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का वक्तव्यं :- नीतीश सरकार ने माननीय उच्च न्यायालय में वही कहा है जो मैं कई […]
(पत्रकार गौतम कुमार/ सनोवर खान) पटना /बिहार। मधेपुरा।जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एबं अस्पताल के बाहय वार्ड में भर्ती है। बिते दिन मधेपुरा जिले के […]
एक बार बड़े-बड़े ऋषि-मुनि एक जगह जुटे तो इस बात पर विचार होने लगा कि कौन सा युग सबसे बढिया है. बहुतों ने कहा सतयुग, […]
आरा/भोजपुर। 28 अप्रैल. भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं समाजिक कार्यकर्ता रवीश कुमार की प्रथम पुत्री व उनकी बड़ी भाभी आशा श्रीवास्तव ने कोरोना के कारण […]
रंगकर्मी मनोज श्रीवास्तव की बहन का निधन। आरा/भोजपुर। 28 अप्रैल. भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं समाजिक कार्यकर्ता रवीश कुमार की प्रथम पुत्री व आरा […]
आरा/भोजपुर। (पत्रकार गौतम कुमार} भाई दिनेश की कलम से – भोजपुर जिला के सभी राजनीतिक दलों , सामाजिक संगठन, धार्मिक संगठन के नेता,कार्यकर्ता, समाज के […]
एक गाँव में एक बूढ़ी माई रहती थी । माई का आगे – पीछे कोई नहीं था इसलिए बूढ़ी माई बिचारी अकेली रहती थी । […]
