नई दिल्ली। ओमान सल्तनत द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किए जाने के बाद, अब तक वे 29 देशों के सर्वोच्च राष्ट्रीय व नागरिक सम्मानों से सम्मानित हो चुके हैं। यह उपलब्धि न केवल प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत वैश्विक साख को मजबूत करती है, बल्कि भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता, कूटनीतिक प्रभाव और नेतृत्व क्षमता को भी दर्शाती है।
ओमान का यह सम्मान भारत-ओमान के ऐतिहासिक और मजबूत द्विपक्षीय संबंधों की पुष्टि करता है। बीते वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने मध्य-पूर्व, अफ्रीका, यूरोप, अमेरिका और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विभिन्न देशों द्वारा लगातार मिल रहे सर्वोच्च सम्मानों के पीछे भारत की “विश्व बंधु” की नीति, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और वैश्विक मंचों पर संतुलित व सशक्त भूमिका प्रमुख कारण हैं। चाहे जी-20 की अध्यक्षता हो, वैश्विक दक्षिण की आवाज़ बनना हो या आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और शांति जैसे मुद्दों पर भारत का स्पष्ट रुख—इन सभी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भारत की छवि को मजबूत किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इससे पहले अमेरिका, फ्रांस, रूस, जापान, यूएई, सऊदी अरब, श्रीलंका, नेपाल सहित कई देशों के सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा जा चुका है। 29 देशों से मिले ये सम्मान भारत के लिए कूटनीतिक सफलता के साथ-साथ वैश्विक नेतृत्व की मान्यता भी माने जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह सम्मान श्रृंखला आने वाले समय में भारत की विदेश नीति, निवेश संभावनाओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और गति देने में सहायक सिद्ध होगी।

