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नीति आयोग ने अफोर्डेबल हाउसिंग पर कॉम्प्रिहेंसिव फ्रेमवर्क रिपोर्ट जारी की, राउंड टेबल चर्चा आयोजित

नई दिल्ली। नीति आयोग ने आज “अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा देने और इसे संभव बनाने के लिए कॉम्प्रिहेंसिव फ्रेमवर्क” पर आधारित एक अहम रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के विमोचन के बाद अफोर्डेबल हाउसिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर एक उच्चस्तरीय राउंड टेबल चर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी और रियल एस्टेट सेक्टर के प्रमुख प्रोफेशनल्स शामिल हुए।

नीति आयोग के सदस्य श्री राजीव गौबा की अध्यक्षता में आयोजित इस चर्चा में शहरी भारत में अफोर्डेबल हाउसिंग को प्रभावित करने वाली प्रमुख संरचनात्मक चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इनमें भूमि की उपलब्धता, पर्याप्त हाउसिंग स्टॉक, वित्त तक पहुंच और नियामकीय बाधाएं प्रमुख रूप से शामिल रहीं।

चर्चा के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही ज़ोनिंग सुधार, FAR (फ्लोर एरिया रेशियो) और प्लानिंग रिफॉर्म्स के माध्यम से भूमि की उपलब्धता को आसान बनाने, नए और नवाचारी फाइनेंसिंग मॉडल अपनाने, रेंटल हाउसिंग सुधारों को प्रोत्साहित करने तथा EWS और LIG वर्ग के परिवारों के लिए घरों की अफोर्डेबिलिटी सुनिश्चित करते हुए निजी निवेश आकर्षित करने हेतु लक्षित नीतिगत हस्तक्षेपों पर जोर दिया गया।

इस दौरान अफोर्डेबल हाउसिंग के क्षेत्र में वैश्विक और घरेलू स्तर पर अपनाए गए सर्वोत्तम तौर-तरीकों पर भी चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) पर आधारित यह फ्रेमवर्क, विकसित भारत @2047 के विज़न के अनुरूप तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य सस्ते आवास के इकोसिस्टम को सशक्त बनाना और टिकाऊ व समावेशी शहरी विकास को गति देने के लिए क्रियान्वयन योग्य तथा सुधारोन्मुख सिफारिशें प्रस्तुत करना है।