नालंदा विश्वविद्यालय के राजगीर परिसर में गजेन्द्र सिंह शेखावत ने विद्यार्थियों से संवाद कर भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीकी प्रगति के सामंजस्य पर अपने विचार साझा किए।
नालंदा/बिहार | विश्वविद्यालय के राजगीर परिसर का दौरा एक यादगार अनुभव रहा, जहाँ प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीकी प्रगति का अद्भुत समन्वय स्पष्ट दिखा। इस दौरान विद्यार्थियों से संवाद भी हुआ, जिसमें भारत की शिक्षा नीति, सांस्कृतिक गौरव और भविष्य की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा हुई।
भारत सरकार के नेतृत्व में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप, देश अपनी मौलिक ज्ञान-समृद्ध संस्कृति को वैश्विक स्तर पर गर्व के साथ प्रस्तुत कर रहा है। साथ ही, भारत एआई सहित हर आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए विकास और विरासत के सामंजस्य के सिद्धांत पर आगे बढ़ रहा है। नई पीढ़ी की ऊर्जा, तकनीकी नवाचार और पारंपरिक मूल्यों का यह संगम विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
नालंदा विश्वविद्यालय की टीम ने भारत की युगों-युगों से चली आ रही ज्ञान परंपरा को संरक्षित करने और नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए जिस प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया है, वह प्रेरणादायक और अनुकरणीय है।
केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सभी को धन्यवाद देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।