प्रयागराज में 23 से 27 जनवरी 2026 तक सद्गुरु सदाफलदेव जी महाराज के 72वें परम निर्वाण दिवस पर 2100 कुंडीय विश्वशांति वैदिक यज्ञ का आयोजन।
ब्रह्मविद्या विहंगम योग
विहंगम योग वार्षिकोत्सव 2025 में सेवा-धर्म, भक्ति और समर्पण का संदेश दिया गया। सद्गुरु अमृतवाणी में बताया गया कि सेवा ही सर्वोच्च धर्म है और हर परिवार से एक सदस्य का सेवा में शामिल होना अनिवार्य है। कार्यक्रम में भक्तों ने दर्शन, प्रसाद और आध्यात्मिक प्रेरणा प्राप्त की।
आरा (भोजपुर) के महाराजा हाता स्थित सत्संग भवन में महर्षि सद्गुरु सदाफल देव विहंगम योग संस्थान द्वारा सत्संग का आयोजन किया गया। रक्षाबंधन पर्व पर वक्ताओं ने ब्रह्मविद्या, सद्गुरु सेवा और अध्यात्म के महत्व पर प्रकाश डाला।
शोभायात्रा न केवल आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश लेकर निकली, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को भी उजागर करने का माध्यम बनी। पढ़े कैसे
आरा, बाघी पाकड़, महर्षि सद्गुरु सदाफल देव आश्रम (सेमरांव), पीरो, तरारी, सहार-खैरा, जगदीशपुर, बिहिया, माधोपुर और बेलवनिया में भी स्ववेंद यात्रा ….
भक्ति और आध्यात्मिक रंग में सराबोर दिखे। होली मिलन समारोह के दौरान सभी भक्तों ने आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा दिया। पढ़े ख़बर
सेमराँव आश्रम में संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज का पावन संरक्षण प्राप्त होगा। साथ ही, श्री ददन सिंह जी (प्रधान परामर्शक) और श्री भूपेंद्र राय (संयोजक, बिहार) जैसे प्रमुख व्यक्तित्वों की गरिमामयी उपस्थिति इस आयोजन | पढ़े ख़बर
अध्यात्म हमें सिखाता है कि हर्ष और शोक दोनों परिस्थितियों में समभाव में रहें और मन की चाल में न फंसें। जय गुरुदेव पढ़े ख़बर
“परमात्मा सत-चित-आनंद स्वरूप हैं। तीर्थों की यात्रा एक फल देती है, संतों के दर्शन चार फल, लेकिन सद्गुरु की कृपा से अनेक फल प्राप्त होते हैं। पढ़े ख़बर
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि सत्य, सेवा और साधना ही आत्मिक उन्नति का मूल मार्ग है।
आत्म ज्ञान वीना सब सुना , क्या मथुरा क्या काशी। कटार के कार्यक्रम में प्रथम परम्परा सद्गुरु धर्मेन्द्र देव जी महाराज के 106 वीं जन्मजयंती में आप सभी शामिल हो । सद्गुरु प्रभु की सेवा में संलग्न रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विहंगम योग के योगदान की प्रशंसा करते हुए इसे समाज कल्याण और आध्यात्मिक उन्नति का प्रभावी माध्यम बताया। आगे पढ़े
महाकुंभ को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सभी संबंधित संगठनों और आम जनता का सहयोग किया गया अपील |
सद्गुरु की कृपा से ही जीव इस संसार से छूटने का मार्ग जान सकता है।
महर्षि सदाफलदेव जी महाराज व आचार्य धर्मचन्द्रदेव जी महाराज का योगदान
संत कबीर का संदेश: जीवन में सत्य मार्ग अपनाएं, मृत्यु के समय पश्चाताप व्यर्थ”
आत्मज्ञान और भक्ति का मार्ग संत सत्संग से होकर गुजरता है। गीता ओझा जी के योगदान को स्मरण करते हुए, यह सभा उनकी स्मृतियों और आध्यात्मिक प्रेरणा को चिरस्थायी बनाने का एक प्रयास किया गया ।
आरा में विहंगम योग के माध्यम से आत्मा के ज्ञान और ध्यान साधना पर जोर |
बैठक में भाग लेती महिला एवं पुरुष
आरा, भोजपुर। ( सुरेश कुमार ) DN TV India news.29 अगस्त 2024 को संत प्रवर श्री विज्ञानदेव जी महाराज के आगमन को लेकर ब्रह्म विद्या […]
ययरथदफलफक्ष
संत गोपाल जी सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज की सेवा में हमेशा तत्पर रहते थे। एक बार स्वामी जी के साथ वे गोरखपुर स्टेशन पर […]
भक्ति ज्ञान वैराग्य जो , तिनो पूरण होय । तब प्रभु की उपलब्धि है , आश्रित सद्गुरू सोय ।।
आगामी 6-7 दिसंबर 2024 को स्वर्वेद महामंदिर धाम उमराहां, वाराणसी में 25000 हजार कुंडीये वैदिक हवन यज्ञ ।
65 वीरो ने रक्त दान में लिया हिस्सा।
चौदह गांठ का मतलब दश इन्द्रियों और चार अनंत: करण को पिरोकर एक में लय करने पर ही अनंत की प्राप्ति होती है। भूपेन्द्र राय
सुरेश कुमार की रिर्पोट ।
स्ववे॔द महामंदिर धाम पर 6 – 7 दिसंबर 2024 को शताब्दी समारोह मनाया जाएगा।
ई०सन 1996-97 की बात है , जब स्व.अचलेश्वर मिश्रा जी रायपुर(म०प्र०) में थे। उस समय वहाँ पर क्वार्टर न०-232/c शैलेंद्र नगर में श्री शिवशंकर पाण्डेय(एग्रीकल्चर […]
विहंगम योग के प्रणेता अनंत श्री सदगुरू सदाफल देव जी महाराज की 135 फिट से भी ऊंची प्रतिमा (Statue of Spirituality) का भी निर्माण स्वर्वेद महामंदिर परिसर मे होने वाला है।
राष्ट्रव्यापी संकल्प यात्रा कन्याकुमारी से कश्मीर तक विगत 7 जुलाई से शुरू होकर 11 राज्यो के 13000 km की दूरी तय करते हुए, 25 अगस्त को बिहार राज्य में प्रवेश कर चुकी हैं।
बैठक में भाग लेती महिला एवं पुरुष
22 अगस्त 2024 137वीं जन्मजयंती।
अनन्त श्री सद्गुरु सदाफलदेव जी महाराज का दर्शन कहता है कि सारी समस्याओं का मूल कारण,मन का हमारे नियंत्रण में नहीं होना है।
29 अगस्त 2024 को संत श्री विज्ञान देव जी महाराज का आरा में आगमन
नोएडा/उत्तरप्रदेश । 17 अगस्त 2024 संकल्प_यात्रा @विहंगम योग सन्त समाज की स्थापना का शताब्दी समारोह महोत्सव, 25000 कुण्डीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ के निमित्त कन्याकुमारी से […]
जेल यात्रा में स्ववेंद की विषय सूची तैयार किए थे — स्वामी सदाफलदेव जी महाराज
संत न होते जगत में, को जानत भगवान ।
कीट श्वान बीतता,मनुज जीवन महान ।।
प्रकृति ईश्वर का प्रकटीकरण है, इसमें भी सबसे सुंदर परमात्मा ने मानव को बनाया है,
साँप ने स्वामी जी का आदेश का किया पालन
भाव का शुद्ध होना- समर्पित होना ही भक्ति का प्रमुख लक्षण है।
कन्याकुमारी से कश्मीर तक आयोजित राष्ट्रव्यापी संकल्पयात्रा के दौरान रायपुर में आगमन और संतप्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज से लिया आशीर्वाद।
नव द्बारा संसार का, दसवां योगी तार।
एकादश खिरकी बनी,शब्द महल सुखसार ।।
संस्मरण-अचानक मुझे ऐसा लगा कोई अदृश्य दिव्य शक्ति आकर,वहाँ पर रखी हुई एक चौकी पर विराजमान हो गई ! वह शक्ति डाँट कर बोली – […]
₹1 का सिक्का मेरे हाथ में क्यों थमाया ? ब्राह्मण व्यक्ति उत्तर देते हुए कहते हैं कि, मैं कई दिनों से कोई दरिद्र व्यक्ति ढूंढ रहा हूं जिसे ₹1रुपय दे सकूं।
स्ववेँद कि वाणी कहती हे इसका नाश निश्चित हे लेकिन सदगुरु भगवान ने इन कारण प्रकुति से सुरक्षीत होने के लीये कुछ आदेश नियम अनुशासन बनाये हे जो जीव इसका पालन करेगा
आगामी 1 जून 2024 को समस्त नागरिकों को आवाहन किया जिनका उम्र 18 वर्ष से उपर हो वे अवश्य ही अपने मताधिकार का प्रयोग अथिक से अधिक संख्या में करें। जिसमें स्वस्थ्य लोकतंत्र का निर्माण हो सके।
आज के कार्यक्रम में भोजपुर जिला सचिव श्री विजय पाण्डेय, परामर्शक श्री दीपनारायण प्रसाद, मीडिया प्रभारी श्री सुरेश कुमार, अमरेन्द्र श्रीवास्तव,कमल किशोर श्रीवास्तव, रामजी यादव, अमित कुमार, रीता देवी, शिवकुमारी देवी, गुड़िया देवी, पिंकी प्रसाद, पुष्पा देवी के अलावे दर्जनों गुरू भाई बहनों की उपस्थिति रही।
आश्रम के विकास व विहंगम योग के प्रचार प्रसार पर विचार विमर्श में कहा सभी गुरू भाई बहनों को मील जुलकर एक साथ गुरू सेवा कार्य में लगना पड़ेगा तभी संत समाज व आश्रम का विकास होगा जिसके फलस्वरूप सद्गुरु देव भगवान की कृपा भी हम सबको प्राप्त होता रहेगा। आगे उन्होंने कहा कि सबको प्रेम शांति से रहना चाहिए। स्ववेंद के दोहे को प्रस्तुत करते हुए कहा कि सद्गुरु सदाफल देव महाराज जी ने हम सभी के लिए कितना बड़ा संदेश दिया है |
संत और सत्संग का मिलन बड़े भाग्य से होता है। संसार में सुख परिकल्पना है ही नहीं बल्कि दुःख से निवृत्त होने का उपाय वैराग्य है। निष्काम भाव से किया गया कर्म ही विक्रम की श्रेणी में आता है इसके लिए सद्गुरु का मिलन आवश्यक है।
लोभ- तृष्णा, अहंकार के खाई से सभी गुरू शिष्यो को निकलकर दान करना चाहिए। मन की चाल कुचाल है,जीव ही उबटन चलाए । इससे निवृत्ति का उपाय केवल सद्गुरु ही बतला सकते हैं।
आरा / भोजपुर | भव्य -दिव्य स्ववेंद यात्रा विहंगम योग संत समाज द्वारा निकला गया|
(कमलेश दत्त मिश्र) गया/बिहार| कहानी मधेपुरा के बिजेन्दर यादव जी मास्टर साहब के यहाँ का है।बिजेन्दर जी स्वामी जी के शिष्य है जिनके सम्बन्ध में […]
माया का विस्तार स्थूल जगत् में तो है ही, परन्तु सूक्ष्म, झीनी माया सब घट में समाकर आत्मस्वरूप को ढाँपी हुई है । सबसे मोटी […]
कर्म और अकर्म का ज्ञान रहस्यपूर्ण योगियों का ज्ञान है। शुभाशुभ दो प्रकार के कर्म होते हैं, जिनके फल कर्म के कर्ता को अवश्य भोगने […]
नित्य अनादि सदगुरु श्री कबीर साहेब ने अपने प्रमुख ग्रन्थ बीजक में यह महत्वपूर्ण उपदेश दिया है, इस पृथ्वी के मानव मात्र को इन पर […]
आरा/भोजपुर | महर्षि सद्गुरु सदाफल देव आश्रम सेमरांव भोजपुर जिला संत समाज को संत प्रवर श्री विज्ञानदेव जी महाराज के असीम कृपा से शताब्दी समारम्भ […]
एक बार तन्विक को घर के मुखिया होने का अभिमान हो गया कि उसके बिना उसके परिवार का काम नहीं चल सकता। उसकी छोटी सी […]
परमाराध्य महर्षि सदाफल देव जी महाराज की आदर्श शिष्या सुगरी देवी थी। उसका बचपन का नाम चमेली था। उसकी शादी ‘गया’ में एक ऐसे परिवार […]
मनुष्य के जीवन मे अशांति ,परेशानियां तब शुरु हो जाती है जब मनुष्य के जीवन मे सत्संग नही होता– मनुष्य जीवन को जीता चला जा […]
दया करें सब जीव पर देखें अंतर आत्मा त्याग देह अभिमान “ विहंगम योग कि अंतिम श्रेणी में द्रस्य शरीर को नहीं देखकर जो द्रश्य […]
सद्गुरु भगवान् का अमृत उपदेश:- मन बहुत दिनों से विषयों में लगा है तथा विषयों को भोगा है, विषय किया है। वह मन सहज में […]
कबीर परमात्मा इस वाणी में कहते हैं कि हे मानव तू इस सुंदर देह का अहंकार करता है अगर भगवान इसके ऊपर चमड़े की परत […]
वैदिक ब्रह्मविद्या विहंगम योग मार्ग _सीखने के लिए उत्सुक, अधिकार में शिष्टता, ज्ञान में अनुग्रह, अधिक अंतर्दृष्टि के लिए जिज्ञासा, छोटी-छोटी चीजों के लिए दूसरों […]
साप्ताहिक आनलाइन स्वर्वेद अंताक्षरी सत्र का मूल उद्देश्य स्वर्वेद के दोहे/चौपाई के माध्यम से ब्रह्मविद्या विहंगम योग के सैद्धांतिक पक्ष जानकर क्रियात्मक पक्ष की […]
उत्तर- संत-महात्माओं का दर्शन करना, उनका प्रवचन सुनना, यह सत्संग की प्रारंभिक सीढ़ी है। केवल इतना से ही सत्संग की पूर्णता नहीं होती है। आज […]
दिनांक – 13अप्रैल 2021 (120 मिनट, मंगलवार)* *अतिथि वक्ता* – *श्रीमान अजीत सिन्हा जी, दंडकवन आश्रम, गुजरात* *परिचय* – श्री अजीत सिन्हा जी मूलतः बिहार […]
आरा/भोजपुर। नवादा थाना क्षेत्र महाराज हाता में विगत वर्ष 2005 से शिष्य भूपेन्द्र राय के आवास में सप्ताहिक सतसंग हर शनिवार को किया जाता है। […]
