ज्ञान की बात

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विलुप्त हो रहा निश्चय तेरा,तु निज धर्मं भुला कर बैठा ,{आज की कविता } Gyan ki Baat

      विलुप्त हो रहा निश्चय तेरा,तु निज धर्मं भुला कर बैठा  विलुप्त हो रहा  निश्चय तेरा तु निज धर्म भुला कर बैठा,  निज […]

अपनी प्रार्थनाओं में लोगों को सद्बुद्धि मिलने का भी भाव रहना चाहिए Gyan Ganga

आज भारत ही नहीं सारे संसार की बड़ी भयावह स्थिति हो गई है । संसार एक ऐसे बिंदु के समीप पहुँच गया है, जहाँ पर […]

मिट्टी की तरह बनकर देखो {लघु कविता}Abhilasha Bhardwaaj

मिट्टी एक जीवन स्वरुप   मिट्टी की तरह बनकर देखो  हर सांचे में ढलकर देखो  पलती है कर्मठ धरणी पर करने समर्पण जीवन को दाहकता में […]

जीत अहम् नहीं है {लघु कविता } GYAN KI BAAT अभिलाषा भारद्वाज

हार एक पुरुष्कार  जीतना अहम नहीं है जीत के पश्चात यदि अहम है तो जीत निश्चित ही नहीं है  जीत उतनी आनंद दायक नहीं जितनी […]

हे ऋतुराज बसंत :अभिलाषा भरद्वाज DntvIndiaNews.com की और से सभी भारतवासियों को बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं |

DntvIndiaNews.com की और से सभी देश वासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ | बसंत पंचमी हे  ! ऋतुराज प्रेमराज बसंत आपको वंदन हे ! प्रकृति नंदन स्वीकार […]

♨️प्रेरक प्रसंग♨️ज्ञान गंगा DntvIndiaNews.com

   प्रेरक प्रसंग {संपत्ति बड़ी या संस्कार}     दक्षिण भारत में एक महान सन्त हुए तिरुवल्लुवर। वे अपने प्रवचनों से लोगों की समस्याओं का समाधान […]

“वास्तविक प्रसन्नता” का मूल रहस्य | Gyan Ki Baat

 प्रसन्नता प्राप्ति का अद्भुत रहस्य| “प्रसन्नता” प्राप्ति का मुख्य रहस्य यह है कि जितने परिमाण में समाज की अंतरात्मा को हमारे कार्य प्रसन्न करेंगे उतनी […]