जेल यात्रा में स्ववेंद की विषय सूची तैयार किए थे -- स्वामी सदाफलदेव जी महाराज
संत न होते जगत में, को जानत भगवान । कीट श्वान बीतता,मनुज जीवन महान ।।
प्रकृति ईश्वर का प्रकटीकरण है, इसमें भी सबसे सुंदर परमात्मा ने मानव को बनाया है,
भाव का शुद्ध होना- समर्पित होना ही भक्ति का प्रमुख लक्षण है।
कन्याकुमारी से कश्मीर तक आयोजित राष्ट्रव्यापी संकल्पयात्रा के दौरान रायपुर में आगमन और संतप्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज से…
नव द्बारा संसार का, दसवां योगी तार। एकादश खिरकी बनी,शब्द महल सुखसार ।।
संस्मरण-अचानक मुझे ऐसा लगा कोई अदृश्य दिव्य शक्ति आकर,वहाँ पर रखी हुई एक चौकी पर विराजमान हो गई ! वह…
₹1 का सिक्का मेरे हाथ में क्यों थमाया ? ब्राह्मण व्यक्ति उत्तर देते हुए कहते हैं कि, मैं कई दिनों…
स्ववेँद कि वाणी कहती हे इसका नाश निश्चित हे लेकिन सदगुरु भगवान ने इन कारण प्रकुति से सुरक्षीत होने के…