नई दिल्ली में बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और ग्रीस के रक्षा मंत्री निकोलाओस-जार्जियोस डेंडियास ने रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के लिए संयुक्त आशय घोषणा और 2026 सैन्य सहयोग योजना का आदान-प्रदान किया।
नई दिल्ली: भारत और ग्रीस के बीच रक्षा संबंधों को नई गति देते हुए रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने ग्रीस गणराज्य के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री श्री निकोलाओस-जार्जियोस डेंडियास के साथ नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक के दौरान दोनों देशों ने रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से एक संयुक्त आशय घोषणा (Joint Declaration of Intent) पर हस्ताक्षर किए।
यह घोषणा आगामी पांच वर्षों के लिए रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के रोडमैप की आधारशिला मानी जा रही है। इसके तहत रक्षा उत्पादन, प्रौद्योगिकी साझेदारी और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक के दौरान वर्ष 2026 के लिए द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना (Bilateral Military Cooperation Plan 2026) का भी आदान-प्रदान किया गया। इस योजना में दोनों देशों की सशस्त्र सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और रणनीतिक संवाद को आगे बढ़ाने की रूपरेखा तय की गई है।
वार्ता के दौरान दोनों मंत्रियों ने दोहराया कि भारत-ग्रीस की रणनीतिक साझेदारी शांति, स्थिरता, स्वतंत्रता और पारस्परिक सम्मान जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनज़र रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौता भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और रक्षा उत्पादन बढ़ाने की नीति के अनुरूप है, साथ ही यूरोप के साथ रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
भारत और ग्रीस के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देगा, बल्कि वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में दोनों देशों की भूमिका को भी मजबूत करेगा।