Delhi University Women’s Association द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित “नज़रिया बदलना” सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और न्यायपालिका की भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया।
नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर Delhi University Women’s Association (UWAD) आज अपनी प्लेटिनम जयंती के साथ एक विशेष सम्मेलन “नज़रिया बदलना” का आयोजन कर रहा है। यह कार्यक्रम महिलाओं की समाज में भूमिका, अधिकार और सशक्तिकरण पर केंद्रित है।
यह सम्मेलन इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के कमला देवी हॉल, कक्ष संख्या–2 में आयोजित हो रहा है, जो सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक चलेगा। कार्यक्रम में देशभर से शिक्षाविद, शोधकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्राएं भाग ले रही हैं।
सम्मेलन के दौरान साक्षात्कार, विचार-विमर्श, शोध पत्र प्रस्तुतियां, नाट्य प्रस्तुतियां, पुरस्कार व छात्रवृत्ति वितरण तथा चाय पर संवाद जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही यह आयोजन महिला सशक्तिकरण की दिशा में पिछले 75 वर्षों के विकास और योगदान पर भी प्रकाश डालेगा।
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन का उद्देश्य समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण स्थिति को पुनः स्थापित करना और उससे जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा करना है। कार्यक्रम के अगले दिन 8 मार्च को Indian Federation of University Women’s Associations की केंद्रीय समिति की बैठक भी आयोजित होगी।
सम्मेलन में महिलाओं के सामने मौजूद चुनौतियों पर भी विचार किया जाएगा, जिनमें प्रमुख रूप से
जैसे विषय शामिल हैं।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और अपराधों पर नियंत्रण के लिए न्यायपालिका की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। अदालतें न केवल पीड़ितों को न्याय दिलाती हैं बल्कि कानूनों की सही व्याख्या और क्रियान्वयन के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा भी प्रदान करती हैं।
वक्ताओं का मानना है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों और भेदभाव को समाप्त करने के लिए समाज, सरकार और न्यायपालिका को मिलकर काम करना होगा। महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षित वातावरण देना ही एक प्रगतिशील और न्यायपूर्ण समाज की पहचान है।