कैबिनेट विस्तार को लेकर भाजपा-जदयू में बढ़ती खींचतान बिहार की राजनीति में नए समीकरण बना सकती है। पढ़े ख़बर
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जनता से आह्वान किया कि वे 2 मार्च को गांधी मैदान, पटना पहुंचकर इस आंदोलन को मजबूत करें। पढ़े ख़बर
देशभर में बदलते मौसम के साथ नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। पढ़े ख़बर
यह पहल महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों और तहसीलों में आयोजित की जाएगी। पार्टी कार्यकर्ता स्थानीय स्तर पर रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए तैयारियों में जुट गए हैं। पढ़े ख़बर
युवा निवेशकों से अपील की जाती है कि वे अपनी मेहनत की कमाई को बहुत सोच-समझकर निवेश करें। किसी भी लुभावने वादों, भ्रामक ऐप्स या अज्ञात स्रोतों पर भरोसा करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल कर लें। पढ़े ख़बर
जनता की नजरें टिकी हुई हैं। क्या इस मामले में कोई जांच होगी? क्या AAP सरकार अपनी स्वास्थ्य नीतियों में बदलाव करेगी? या फिर यह विवाद महज राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक ही सीमित रहेगा? | पढ़े ख़बर
शहरवासियों से अपील: स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लें और फीडबैक अवश्य दें, जिससे पटना की रैंकिंग बेहतर हो सके और शहर स्वच्छ एवं सुंदर बना रहे।
पाचन प्रक्रिया को दर्शाने वाला चित्र, जिसमें जठराग्नि, भोजन पाचन, और खराब पाचन से उत्पन्न विषाक्त तत्वों को दिखाया गया है।
समाज और पुलिस मिलकर काम करें, तो अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं बचती। पढ़े ख़बर
प्रधानमंत्री मोदी के “वैश्विक कुंभ” के दृष्टिकोण के अनुरूप संपूर्ण विश्व में प्रतिष्ठा दिलाने का प्रयास, मुख्यमंत्री ने कहा यह आयोजन संस्कृति, अध्यात्म, पर्यटन और अर्थव्यवस्था के लिए एक नई दिशा तय करेगा | पढ़े ख़बर
महाकुंभ 2025 का यह समापन सहभोज केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज के उन अनसंग हीरोज के प्रति सम्मान का प्रतीक बना| पढ़े ख़बर
ओम नमः शिवाय और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। भक्तों ने दूध, जल, बेलपत्र, धतूरा और फल-फूल अर्पित कर महादेव की आराधना की। जगह-जगह भंडारे एवं प्रसाद वितरण के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
जब मैंने इन विचारों को साझा किया, तो जैसे मेरी अव्यक्त भावनाएँ शब्दों में ढल गईं। यह एक असामान्य अनुभव था, जहाँ शब्द नहीं, बल्कि भावनाएँ बोल रही थीं।
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि सत्य, सेवा और साधना ही आत्मिक उन्नति का मूल मार्ग है।
कार्यशाला और मुशायरे के माध्यम से एक बार फिर संदेश दिया गया कि उर्दू प्रेम, भाईचारे और अभिव्यक्ति की भाषा है, जिसे संजोने और सहेजने की जरूरत है। पढ़े ख़बर
