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संत और सत्संग का मिलन बड़े भाग्य से होता है। संसार में सुख परिकल्पना है ही नहीं बल्कि दुःख से निवृत्त होने का उपाय वैराग्य है। निष्काम भाव से किया गया कर्म ही विक्रम की श्रेणी में आता है इसके लिए सद्गुरु का मिलन आवश्यक है।
श्रद्धा, भक्ति, विश्वास और संकल्प का आध्यात्मिक अर्थ क्या है? जानिए अंतःकरण की शक्ति और जीवन में संकल्प की भूमिका।
वर्ल्ड एनजीओ-डे पर अल फलाह एजुकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी लखनऊ के सभागार में संगोष्ठी व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी को एनजीओ एक्सीलेंस अवार्ड का प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह ग्रहण करते हुए
भाव का शुद्ध होना- समर्पित होना ही भक्ति का प्रमुख लक्षण है।
