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भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत युद्ध के 36 साल बाद अपना देह त्याग दिया। जब पांडवों ने उनका अंतिम संस्कार किया तो श्रीकृष्ण का पूरा शरीर तो अग्नि में समा गया, लेकिन उनका हृदय धड़क ही रहा था।
जीवन में कुछ भी असंभव नहीं। पाने की जिज्ञासा जानने का हठ हर बाधा को पार करा देता है।

